सावन
इक और सावन नाच ले, इक और सावन झूम ले। जीवन का जीवन ही क्या, जीते इक उड़ता धुआँ। जाने दूर से उठा हो इक दिया, कुछ देर तो उड़ता
इक और सावन नाच ले, इक और सावन झूम ले। जीवन का जीवन ही क्या, जीते इक उड़ता धुआँ। जाने दूर से उठा हो इक दिया, कुछ देर तो उड़ता